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यह चित्र हमने Breaking Tube वेबसाइट से प्रतिनिधित्व हेतु लिया गया है । इस चित्र का निचे दिए लेख के साथ कोई सम्बन्ध नहीं है ।

२५ दिसंबर २०१८ को अपनी खबरें वेबसाइट की इस खबर को फेसबुक पर काफ़ी तेजी से साझा किया जा रहा है | हेडलाइन मे यह कहा गया है कि “भारी मुसीबत में फंसे राहुल गाँधी, जा सकते है जेल…बीजेपी समर्थकों में ख़ुशी की लहर” | खबर में कहा गया है कि ३ राज्यों में अपनी सरकार बनाने के बाद राहुल गांधी खुशीयां मनाने के लिए शिमला गए थे | वहाँ उनकी बहन प्रियंका गांधी ने एक नया बंगला खरीदा है जिसकी तस्वीरे लेने के लिए राहुल गांधी जी ने ड्रोन कैमरे की सहायता ली । खबर में यह भी कहा गया है कि भारत में बिना प्रशासन की अनुमति के ड्रोन उड़ाना प्रतिबंधित है जिस वजह से राहुल जेल जा सकते है | जानते है सच्चाई क्या है |

आर्काइव लिंक

२० दिसम्बर २०१८ को राहुल गांधी जी अपनी बहन प्रियंका गांधी के शिमला (छराबड़ा) स्तिथ बंगले की पूरी तस्वीर लेने के लिए ड्रोन कैमरे की सहायता ली, ज्ञात रहे कि भारत में बिना प्रशासन की अनुमति के ड्रोन उड़ाना प्रतिबंधित है | इस बात की पुष्टि भारत सरकार के नागरिक उड्डयन मंत्रालय व कई मीडिया संगठनों ने किया है |

DGCA.nic | PIB.nic | uavcoach
economic times | NDTV

जैसे की खबर में दावा किया गया है कि राहुल गांधी जी शिमला गये थे व उनको ड्रोन उड़ाते हुए देखा जा सकता है, निचे दिए गए कई मीडिया संगठनों द्वारा प्रसिद्ध ख़बरों से इस बात की पुष्टि की  जा सकती है|
Himachaldastak | NewsNation | DainikJagran

परंतु, हेडलाइन का जो दावा है कि राहुल गांधी जी मुसीबत मे फंस सकते है और वह जेल भी जा सकते है, और इस खबर के चलते भाजपा समर्थकों मे ख़ुशी कि लहर दौड़ उठी है, यह सरासर गलत है क्योंकि राहुल गांधी जी के खिलाफ़ फैक्ट चेक किये जाने तक कोई एफ आई आर हिमांचल के किसी भी थाना छेत्र में दर्ज नहीं हुई है|

निष्कर्ष: तथ्यों की जांच करने पर हमने पाया कि उपरोक्त लेख का शीर्षक गलत है क्योंकि भारतीय दंड संहिता के अंतर्गत राहुल गाँधी पर उपरोक्त मामले में कोई प्राथमिकी सूचना रिपोर्ट  (F I R) नहीं दर्ज हुई है, पोस्ट की हेडलाइन “भारी मुसीबत में फंसे राहुल गाँधी, जा सकते है जेल…बीजेपी समर्थकों में ख़ुशी की लहर” गलत है |

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Title:भारी मुसीबत में फंसे राहुल गाँधी, जा सकते है जेल…बीजेपी समर्थकों में ख़ुशी की लहर – क्या है सच?

Fact Check By: Drabanti Ghosh 

Result: False Headline (यह शीर्षक गलत है)


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